मधेपुरा:-अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी, कैसे बुझे आग - ETV BIHAR NEWS

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Monday, April 5, 2021

मधेपुरा:-अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी, कैसे बुझे आग

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Prince kr.Raj

मधेपुरा । इन दिनों तेज धूप और पछवा हवा की वजह से किसान जोरशोर से अपने गेहूं की फसल तैयार करने में लगे हैं। लिहाजा थ्रेसर से गेंहू तैयारी के दौरान इंजन की चिगारी से आग लगने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। आग से निपटने को लेकर जिले की अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्षम नहीं दिख रहा है। विभाग के पास संसाधन की काफी कमी है। इसके अलावा विभाग के पास अपना भवन तक उपलब्ध नहीं है। स्थानीय बीएन मंडल स्टेडियम परिसर में वर्षों से विभाग का कार्यालय संचालित हो रहा है। विभाग के पास वर्तमान समय में तीन बड़ी और आठ तीन सौ लिटर वाली छोटी गाड़ी उपलब्ध है। गाड़ी में पानी भरने के लिए विभाग के पास पूरे जिले में मात्र एक मुख्यालय में समरसेबल मोटर उपलब्ध है। शेष जगहों पर सरकारी पंप पर ही विभाग निर्भर है। आग लगने की स्थिति में आग पर काबू पाने को लेकर अग्नि शमन विभाग पूरी सक्षम नहीं दिख रही है। विभाग के पास बड़ी गाड़ी जितनी रहनी चाहिए उतनी गाड़ी उपलब्ध नहीं है। जिले के सभी प्रखंडो में अग्नि शमन की गाड़ी उपलब्ध भी नहीं है। कुछ प्रखंडो में उपलब्ध भी है तो वह तीन सौ लीटर वाली छोटी गाड़ी उपलब्ध है। इससे आग पर काबू नहीं पाया जा सकता। तीन बड़ी गाड़ी 45 सौ लीटर वाला उपलब्ध है। इसमें एक जिला मुख्यालय एवं दो उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय में उपलब्ध है। प्रखंडो में उपलब्ध गाड़ी में थाना या प्रखंड कार्यालय में उपलब्ध घरेलू मोटर से ही पानी भरने का काम किया जा रहा है। इससे गाड़ी में पानी भरने में विलंब होती है। एक मात्र बड़ा समरसेबल मोटर जिला मुख्यालय में लगा है। जिस मोटर से दस मिनट के अंदर 45 सौ लीटर की गाड़ी में पानी फूल हो जाता है। बड़ा मोटर उदाकिशुनगंज अनुमंडल में भी उपलब्ध नहीं है। लिहाजा गाड़ी में सरकारी किसी छोटे पंप से ही पानी भरने का काम विभाग के कर्मी द्वारा किया जाता है।अग्नि शमन विभाग के भगवान पासवान ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड के लिए तीन हजार लीटर की एक एक गाड़ी उपलब्ध करवाने के अलावे सभी प्रखंड मुख्यालय में समरसेबुल मोटर लगवाने की मांग विभाग से कई बार की गई है। परंतु अभीतक गाड़ी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। उन्होंने कहा कि तीन सौ लीटर की गाड़ी से आग पर काबू पाया जाना संभव नही है। जिला मुख्यालय में उपलब्ध बड़ी गाड़ी को आग लगने की स्थिति में संबंधित प्रखंड में भेजा जाता है। घटना स्थल पर गाड़ी पहुंचने में विलंब हो जाती है।

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