सहरसा:- कोरोना रिटर्न्स:72 घंटे में 26 नए पॉजिटिव - ETV BIHAR NEWS

Breaking

Followers

Sunday, April 4, 2021

सहरसा:- कोरोना रिटर्न्स:72 घंटे में 26 नए पॉजिटिव

 Etv bihar news:-ds

     B .Bb    है प
रेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भ

एक तरफ जहां जिले में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर उठ रहा है। दूसरी तरफ लोग कोरोना से बचाव के उपायों से दूर वैक्सीनेशन के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। बीते 72 घंटे में कोरोना के मरीजों की संख्या में 26 का इजाफा हुआ है। जहां 3 दिन पहले कोरोना के कुल पीड़ित 21 थे। रविवार को जांच के बाद यह आंकड़ा 47 तक पहुंच गया है। सहरसा के लिए अप्रैल का महीना खतरनाक माना जा रहा है। बीते वर्ष भी कोराेना के पहले तीन मरीज 8 अप्रैल को मिले थे। सोशल डिस्टेंसिंग यानी 2 गज की दूरी को भी लोग भूल गए हैं। अब मास्क पहनकर सार्वजनिक स्थलों पर जाने की भी आवश्यकता खत्म हो गई है। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो सहरसा के लोगों को न तो ट्रेनों में बैठने के दौरान कोरोना का कोई भय है। न ही खरीदारी करते वक्त बाजारों में बिना मास्क घूमने का कोई डर दिख रहा है। इतना ही नहीं दो चक्के सहित बड़े वाहनों में यात्रा करने के दौरान भी लोग 2 गज की दूरी को दरकिनार कर रहे हैं। मतलब साफ है सहरसा के लोगों ने मन बना लिया है कि उन्हें 2 गज की दूरी को मेंटेन नहीं करना है। मास्क पहनना जरूरी नहीं है। रेलवे विभाग द्वारा ट्रेनों में यात्रा के दौरान कोविड-19 के पालन के प्रति कोई शक्ति बढ़ती नहीं दिख रही है।

रेलवे स्टेशनों पर टिकट के लिए बिना डिस्टेंस के ही लाइन में लगते लोग
व्यस्त इलाकों में परिणाम है कि लोग एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए नाश्ता कर रहे हैं, एक साथ बैठ कर चाय की चुस्की ले रहे हैं। पान दुकान की बात करें तो एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर पान खा रहे हैं। मॉल में लोग खरीदारी के लिए जमकर पहुंच रहे हैं। स्टेशनों पर टिकट लेने के लिए एक दूसरे से चिपक कर कतार में खड़े होकर धक्का-मुकी कर रहे हैं। मतलब साफ है सभी जगहों पर न तो 2 गज की जरूरी को आवश्यक समझा जा रहा है। न ही मास्क पहनना ही जरूरी दिख रहा है।

ट्रेन में बिना मास्क के ही हो रही यात्रा, स्टेशन पर हर दिन मात्र 350 की होती है कोविड जांच
जहां प्रवासी मजदूरों का ट्रेनों में आवाजाही लगातार जारी है। वहीं करोना के प्रति लोगों की लापरवाही भी उतनी ही अधिक देखने को मिल रही है। रविवार को दिन के 3:00 बजे सहरसा से पटना के लिए खुलने वाली ट्रेन संख्या 03359 डेमो स्पेशल ट्रेन में हर कोच में लोग ठूंस-ठूंस कर बैठे हुए थे। बल्कि खड़े होकर भी यात्रा कर रहे थे। जबकि रेलवे लोकल ट्रेन किराया भी एक्सप्रेस ट्रेन के किराए के समान वसूल रही है। वहीं, सीट के हिसाब से ही टिकट काटने का भी दावा कर रही है। साथ ही रेल यात्रियों की कोविड-19 सहित वैक्सीनेशन का भी दावा कर रही है। जबकि हकीकत में दोनों दावे उलट हैं। रेलवे स्टेशन पर बने कोविड-19 केंद्र पर नियुक्त डॉ. विश्वजीत कुमार निर्मल, एलटी पुरुषोत्तम कुमार, संतोष कुमार और ऋषि कुमार नियुक्त थे। उन्होंने बताया कि 350 रेल यात्रियों की कोविड जांच कर ली है। 3 बजे तक 350 का आंकड़ा पूरा हो गया था। वे लोग अपना बोरिया बिस्तर समेट कर घर जाने के लिए बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि आज का कोटा फुल हो गया है। अब कल जांच की जाएगी। बता दें कि बीते साल वर्ष 2020 के 8 अप्रैल को प्रवासी मजदूरों की जांच के दौरान तीन कोरोना मरीज चिह्नित हुए थे। जिसके बाद जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई थी।

No comments:

Post a Comment