Lalu Yadav: बिशप स्कॉट में पढ़ती थीं लालू यादव की 4 बेटियां, यहीं से मिले अहम सबूत... - ETV BIHAR NEWS

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Friday, March 26, 2021

Lalu Yadav: बिशप स्कॉट में पढ़ती थीं लालू यादव की 4 बेटियां, यहीं से मिले अहम सबूत...

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 रांची, जासं। Lalu, Lalu Yadav, Lalu Prasad Yadav चारा घोटाला के चार मामलों के सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर जेल की सजा की एक और तलवार लटक रही है। डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ की अवैध निकासी के मामले में रांची की सीबीआइ की विशेष अदालत में जारी सुनवाई के क्रम में गवाह ने 80-20 में पैसे के बंदरबांट की जानकारी दी है। बकौल गवाह पटना के बिशप स्कॉट गर्ल्‍स स्‍कूल में लालू यादव की 4 बेटियां पढ़ती थीं। और यहीं से अहम सबूत सीबीआइ को हाथ लगे थे। चारा घोटाले की जांच के क्रम में इस स्‍कूल में लालू के राजदारों से जुड़ी पूरी स्क्रिप्‍ट लिखे जाने की बात सामने आई है।शुक्रवार को अदालत में बहस के दौरान सीबीआइ के वकील विशेष लोक अभियोजक ने खास गवाहों की गवाही पढ़कर सुनाई। बीएमपी सिंह ने बिशप स्कॉट गर्ल्स स्कूल, पटना की प्राचार्या एन जैकब द्वारा दी गई गवाही के साक्ष्यों को अदालत में पढ़कर सुनाया। कहा गया कि प्राचार्या द्वारा बताया गया था कि लालू प्रसाद यादव की चार बेटियां बिशप स्कूल में पढ़ती थीं। जिनके स्थानीय अभिभावक के रूप में चारा घोटाले के किंगपिन श्याम बिहारी सिन्हा और बिहार के पूर्व मंत्री, अलकतरा घोटाले के आरोपी इलियास हुसैन के कर्मचारी सूरज का नाम अंकित था। जबकि सूरज कुमार ने बताया था कि उसने ऐसा कोलकाता के आपूर्तिकर्ता मो सईद के कहने पर किया था।


चारा घोटाले के अभी तक के सबसे बड़े घोटाले में बहस अभी जारी है। अदालत ने बहस के लिए अगली तिथि छह अप्रैल मुकर्रर की है। बता दें कि आरसी 47/96 से जुड़े इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित 110 आरोपित ट्रायल फेस कर रहे हैं। डोरंडा कोषागर से 139.5 करोड़ रुपये अवैध निकासी मामले में सीबीआइ के विशेष जज एसके शशि की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से बहस चल रही है।


शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बहस के दौरान चारा घोटाले में पैसे के बंदरबांट पर रोशनी डाली। सीबीआइ के गवाह आपूर्तिकर्ता दिपेश चांडिक(कोलकाता) की गवाही का उल्लेख करते हुए घोटाले में तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद यादव, घोटाले के किंगपिंग पशुपालन विभाग के निदेशक रहे श्याम बिहारी सिन्हा और आपूर्तिकर्ता मो सईद के आपसी रिश्ते से अदालत को अवगत कराया।


बीएमपी सिंह ने दलील दी कि चारा घोटाले में आरोपित बनाये गए आपूर्तिकर्ता बिना आपूर्ति किए पैसे उठाता था। 20 प्रतिशत खुद रखकर बाकी के पैसे श्याम बिहारी सिन्हा को दे देता था। आपूर्तिकर्ता से प्राप्त रुपये का 30 प्रतिशत श्याम बिहारी सिन्हा खुद और केएम प्रसाद के बीच बांट लेते थे। जबकि बाकी पैसे विभागीय अधिकारी, चिकित्सक, कोषागार के कर्मियों के बीच बांटे जाते थे। यह खेल अनवरत चलता रहा।

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