मधेपुरा बाजार में बड़ी रौनक होली मनाने के लिए जमकर हो रही है मार्केटिंग - ETV BIHAR NEWS

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Saturday, March 27, 2021

मधेपुरा बाजार में बड़ी रौनक होली मनाने के लिए जमकर हो रही है मार्केटिंग

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Md Raja

मधेपुरा : होली लेकर शहर के लेकर जिला मुख्यालयों तथा ग्रामीण इलाके के हाट बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। जैसे-जैसे होली का त्योहार नजदीक आ रहा है, इसका रंग भी बाजारों में दिखने लगा है। होली को लेकर रंग अबीर से लेकर पिचकारियों की दुकानों पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। दुकानों में सजी रंग बिरंगी पिचकारियां बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बाजारों में मिकी माउस से लेकर पिस्टल पिचकारी अलग-अलग कीमत पर उपलब्ध हैं। सिगल धार गन पिचकारी, मोदी पिचकारी, मंकी पिचकारी सहित अलग-अलग स्टाइल की पिचकारियों बच्चों का ध्यान अपनी तरफ खींच रही हैं। शनिवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में होली के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले सामान की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही।

बाजार में पर्व को लेकर रौनक बढ़ने के साथ ही सामान की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई हैं। इस साल होली के सामान की कीमत गत वर्ष की अपेक्षा बीस प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।


रंगों के त्योहार होली में अब मात्र दो दिन बचे हैं। बाजारों में रंग-अबीर, पिचकारी के साथ पकवान सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। हालांकि इस साल होली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने में कुछ सुस्ती भी रही। लेकिन सुस्त रफ्तार से ही सही होली का बाजार गुलजार हो गया है। शनिवार को शहर से लेकर गांवों तक का नजारा बदला-बदला सा नजर आया। शहर की थोक मंडी में घरेलू सामान के साथ ही तरह-तरह के चिप्स, साबूदाना का पापड़, पापड़, सूखा मेवा, सूजी का गुजिया, नमकीन, खुर्मा, मठरी, सूखा गुजिया से पट गया है। बाजार में डिजाइनर पिचकारियों से लेकर हर्बल रंगों की दुकानें सज गई हैं। खासकर रंग-बिरंगी पिचकारियां बच्चों को आकर्षित कर रही है। व्यापारी मनोज कुमार ने बताया कि बाजार में 20 से लेकर 450 रुपये तक की डिजाइनर पिचकारी मौजूद है। इनमें माउस, गणेशा, छोटा भीम, डोरेमोन, मोटू-पतलू समेत कई कार्टून कैरेक्टर के नाम से पिचकारियां आई हैं। मौनिया चौक के दुकानदार रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो से बाजार का ट्रेंड बदल गया है। पहले दो-तीन हफ्ते पहले ही लोग होली के लिए सामान खरीदा करते थे। लेकिन अब लोग दो दिन पहले निकलते हैं सामान खरीदने। इस बार होली के ठीक कोराना संक्रमण बढ़ने के बाद प्रारंभ में सामानों की बिक्री कुछ प्रभावित हुई। लेकिन शनिवार को बाजार में लोगों की भीड़ से दुकानदार उत्साहित दिखे। कपड़ा विक्रेता रामरतन ने बताया कि इस बार रंगीन कुर्ता-पैजामा खूब बिक रहा है। ऐसा पहली बार देखने में आ रहा है कि बच्चों के लिए भी पठानी सूट लोग खरीद रहे हैं।


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बजने लगे हैं होली के गीत


मधेपुरा : वैसे तो मां सरस्वती की विदाई के साथ ही फागुन के गीत शुरू हो जाते हैं। लेकिन यह सिलसिला अब परवान चढ़ने लगा है। बदलते समय के साथ होली के त्योहार का स्वरूप भी बदल गया है। पहले जहां होली में परंपरागत गीत गूंजते थे, वहीं अब गुड्डू रंगीला, कल्पना, छैला बिहारी, मनोज तिवारी, दिनेश लाल, शारदा सिन्हा, खेसारी लाल, पवन सिंह जैसे भोजपुरी गायकों के गीत बाजार में धूम मचा रहे हैं। गांव से लेकर शहरी इलाके तक में होली गीत बजने लगे हैं।


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बुद्धिजीवी कर रहे आम लोगों से पानी बचाने की अपील


मधेपुरा : होली रंगों का त्योहार जरूर है। लेकिन पानी के बचाव की ओर भी सभी को ध्यान देने की जरुरत है। होली की मस्ती में पानी की बर्बादी को रोकने के प्रश्न पर बुद्धिजीवी भी एकमत दिखते हैं। समाजशास्त्री मदन मोहन शास्त्री कहते हैं कि होली परस्पर प्रेम का प्रतीक है। इसमें रंगों के अधिक प्रयोग से बचना चाहिए। डॉ. अभिषेक रंजन कहते हैं कि होली के मौके पर अधिक रंगों के प्रयोग से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। साथ ही त्वचा से रंग को हटाने में भी पानी की बर्बादी होती है। ऐसे में इस त्योहार में रंग के प्रयोग में सावधानी अपेक्षित है। पर्यावरण के जानकार डॉ. मनीष कहते हैं कि मनुष्य के जीवन में पानी का महत्व काफी है। ऐसे में पानी को बचाने के लिए सभी को मिलकर एक-साथ प्रयास करना चाहिए।

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