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Saturday, March 13, 2021

सहरसा:एएनएम एवं टीकाकर्मियों को दिया जा रहा है दो दिवसीय प्रशिक्षण- डीआईओ


एएनएम एवं टीकाकर्मियों को दिया जा रहा है दो दिवसीय प्रशिक्षण- डीआईओ

सहरसा,13मार्च।
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम अन्तगर्त वैसे एएनएम जिन्हें टीकाकारण का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं हुआ है साथ ही वैसे टीकाकर्मी जिन्हें टीकाकरण के संबंध जानकारी की कमी हो को चिह्नित करते हुए जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया जाना है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.कुमार विवेकानन्द ने कहा कि जिले में नियमित टीकाकरण कायर्क्रम में भाग लेने वाले एएनएम एवं टीकाकर्मियों जिन्हें नियमित टीकाकरण का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है या उनमें से किन्हीं को इस संबंध में जानकारी की कोई कमी है को चिह्नित करते हुए जिले के सभी शहरी एवं प्रखण्ड स्तर के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निदेशित किया गया है कि वे उनका दो दिवसीय प्रशिक्षण कायर्क्रम जो कि जिला प्रतिरक्षण कायार्लय के निकट पारा मेडिकल सभागार में सम्पन्न होगा में भाग लेना सुनिश्चित करवायें।

इस कायर्क्रम के तहत 8 एवं 9 मार्च को महिषी, नवहट्टा, पतरघट एवं सदर सहरसा के एएनएम एवं टीकाकमिर्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है वहीं आज एवं कल सलखुआ, सौरबाजार, पंचगछिया, सोनवर्षा के एएनएम एवं टीकाकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है। साथ ही 16 एवं 18 मार्च को जिले के बनमा ईटहरी, सिमरी बख्तियारपुर एवं दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के एएनएम एवं टीकाकमिर्यों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना है।

टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण है जरूरी-

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.कुमार विवेकानन्द ने कहा कि टीकाकारण कार्य के लिए दक्ष होना अतिआवश्यक है क्योंकि इन टीकों को देने की प्रक्रिया अत्यन्त महत्वपूर्ण है। यदि सही ढ़ंग से टीका नहीं दिया गया तो इसका लाभ नहीं मिल पायेगा, इसलिए आवश्यक है कि टीकाकरण कार्य के लिए टीकाकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाय।
                                                                          प्रशिक्षण के दौरान एएनएम को यूनिसेफ एसएमसी बंटेश नारायण मेहता एवं मजहरुल हसन के द्वारा 12 जानलेवा बीमारियों के बारे विस्तारपूर्वक बताया गया। जिसमें टीवी, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, गलघोटू, काली खांसी, टेटनस, हीमोफिलस इनफ्लून्जा टाइप बी, रोटावायरस डायरिया, न्योमोकोकल निमोनिया, खसरा, रूबैला एवं जापानी इंसेफलाइटिस मुख्य हैं।
प्रशिक्षण के दौरान यूएनडीपी के मो मुमताज खालिद ने टीकाकरण में शीत श्रृंखला के महत्व एवं डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ.मयंक शेरसिया ए0ई0एफ0आई0 के बारे में विस्तार पूवर्क जानकारी दी ।साथ ही सत्र आयोजन एवं समाप्ति बाद एएनएम के दायित्वों पर भी मो खालिद द्वारा प्रकाश डाला गया । टीकाकरण में मोबलाइजेशन की भूमिका पर भी जोर डाला गया।
यह प्रशिक्षण पी.पी.टी. के माध्यम से यूनिसेफ एसएमसी बंटेश नारायण मेहता ,मजहरुल हसन, यूएनडीपी के मोहम्मद मुमताज खालिद तथा डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ मयंक शेरसिया के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ.अवधेश कुमार भी मौजूद रहे। 
 
नियमित टीकाकरण है बहुत जरूरी:

नियमित टीकाकरण पर जोर देते हुए डॉ.कुमार विवेकानन्द ने कहा कि यह एक स्वस्थ्य राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कायर्क्रम है जो गर्भवती महिलाओं से आरंभ होकर शिशु को पाँच साल तक नियमित रूप से दिये जाते है। ये टीके शिशुओं को कई प्रकार के जानलेवा बीमारियों से बचाते हैं। शिशुओं को दिया जाने वाला टीका शिशुओं के शरीर में जानलेवा संबंधित बीमारियों से बचने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को विकसित और मजबूती प्रदान करते हैं। इस प्रकार कई तरह के जानलेवा बीमारियों से शिशुओं को बचने के खास टीके विकसित किये गये हैं, जिनका टीकाकरण करवाना आवश्यक है।
मौके पर जिले के सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार, यूएनडीपी के भीसीसीएम मोहम्मद मुमताज खालिद ,यूनिसेफ के एसएमसी बंटेश नारायण मेहता एवं मजहरुल हसन, डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ मयंक शेरसिया तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे |

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