पूर्णियां:छठ महापर्व में पोषण अभियान के तहत व्रतियों व श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक - ETV BIHAR NEWS
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    पूर्णियां:छठ महापर्व में पोषण अभियान के तहत व्रतियों व श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक


    छठ महापर्व में पोषण अभियान के तहत व्रतियों व श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक

    -आईसीडीएस निदेशालय ने राज्य के सभी डीपीओ को पत्र भेजकर दिया निर्देश
    -छठ घाटों पर पोषण से संबंधित चित्रात्मक रंगीन संदेशों की लगाई जाएगी प्रदर्शनी:

    पूर्णिया,19 नवंबर

    इस बार लोक आस्था के छठ महापर्व में पोषण अभियान के तहत छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक। छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं के बीच पोषण से संबंधित जागरूकता लाने के उद्देश्य से रंगीन चित्रात्मक फ्लेक्स या बैनर के माध्यम से प्रचार- प्रसार किया जाएगा । इस महापर्व में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक होती है । इसके मद्देनज़र आईसीडीएस निदेशालय ने एक पत्र जारी कर राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। इस पत्र में नदी किनारे बनाये गए छठ घाट, तालाब या अन्य धार्मिक स्थलों पर बनाये गए छठ घाटों पर पोषण अभियान से संबंधित संदेशों वाली रंगीन प्रदर्शनी लगाने का निर्देश है। इस अनोखे प्रयास से खासकर छठ घाट पर आने वाली व्रतियों में पोषण के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा ।

    -छठ महापर्व के दौरान पोषण अभियान के तहत व्रतियों व श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक:

    राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक निधि प्रिया ने बताया कि विभाग की इस सकारात्मक सोच से ही छठ घाट पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को पोषण से संबंधित जानकारी मिल जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से कुपोषण से कैसे बचा जाए इसकी जानकारी दी जायेगी। रंगीन चित्रात्मक संदेशों से बताया जाएगा कि गर्भवती महिलाओं को कब क्या खाना चाहिए, ताकि नवजात शिशु पूरी तरह से स्वस्थ हो। किस तरह के पौष्टिक आहार कितनी मात्रा में लेनी चाहिए। इसके लिए जिले के अस्थाई तोरणद्वार, अस्थाई निर्मित सुरक्षित दीवारों, छठ घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने वाले स्नान घर, पूजा समितियों द्वारा निर्मित स्टॉल, पूजा कार्य या फल स्टॉल पर रंगीन संदेशों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्य में जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा चुका है।

    रंगीन फ्लेक्स, बैनर या अन्य तरह के माध्यमों से चलेगा जागरूकता अभियान –

    राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक निधि प्रिया ने बताया कि आईसीडीएस निदेशालय द्वारा जारी पत्र के आलोक में हमलोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। जिले के विभिन्न छठ पूजा समितियों के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण अभियान की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए रंगीन फ्लेक्स, बैनर या अन्य तरह के माध्यमों से छठ घाट पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं खासकर महिलाओं को जागरूक करना है। क्योंकि कुपोषण को दूर भगाने के लिए पोषण से भरपूर आहार लेने की जरूरत होती है। हमलोगों को अपने खान-पान के प्रति सजग रहने की जरूरत है। तभी दूसरे को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं । सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह के जागरूकता अभियान का असर सामुदायिक स्तर पर भी पड़ता है।

    - घाटों पर चित्रात्मक रंगीन संदेशों के माध्यम से पोषण से संबंधित प्रदर्शनी लगेगी :

    राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला परियोजना सहायक सुधांशु कुमार ने बताया कि ज़िले के सभी नागरिकों खासकर महिलाओं में पोषण से संबंधित जागरूकता लाने के उद्देश्य से ज़िले में चिन्हित छठ घाट के समीप अस्थाई तोरणद्वार, स्नान घर, पूजा पंडाल सहित छठ घाटों पर रंगीन पोस्टर के माध्यम से पोषण से जुड़े संदेशों को प्रदर्शित किया जाएगा। जिससे कुपोषण के प्रभाव से मुक्ति मिल सके और कुपोषण को दूर भगाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की जाये । जब तक हमलोग एक दूसरे को जागरूक नहीं करेंगे तब तक कुपोषण को दूर भगाने में सफलता नहीं मिल सकती है। जानकारी के अभाव में नवजात शिशुओं में कुपोषण के मामले सामने आते हैं । इसे दूर करने के लिए ही आईसीडीएस निदेशालय के द्वारा छठ घाटों पर पोषण के संदेशों की प्रदर्शनी अतिआवश्यक माना गया है। खासकर महिलाओं को इसके बारे में सही तरीके से जानना बेहद ही जरूरी है। क्योंकि उचित जानकारी नहीं मिलने के कारण पोषणयुक्त आहार नहीं ले पाती जिस कारण बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं । रंगीन पोस्टर पर पोषण से सम्बंधित संदेशों को पढ़ने या देखने वाले पोषण की महत्ता को समझ जाएंगे।


    कोरोना काल में करें इन व्यवहारों का अनुपालन: -
    -छठ घाट जाने से पहले मास्क का करें प्रयोग।
    -हर आधा घंटा के अंदर अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से हाथों को धोएं।
    -सामुदायिक स्थलों पर मास्क के साथ ही दो गज की सामाजिक दूरी का करें प्रयोग।
    -मास्क पहनने के बाद मुंह, आंख या नाक यथासंभव छूने से बचने का करें प्रयोग।
    -खांसते या छींकते समय मुंह को रूमाल से ढकें।

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