मधेपुरा:जब तक कोरोना की दवा नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं करें - ETV BIHAR NEWS
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    मधेपुरा:जब तक कोरोना की दवा नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं करें


    जब तक कोरोना की दवा नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं करें

    जिला पोषण समन्वयक अंशु कुमारी प्रखण्डों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रही

    सरकारी योजनाओं की जानकारी देने जा रही हैं प्रखंडों में



    मधेपुरा, 15 अक्टूबर।
    जब तक कोरोना की दवा नहीं तब तक किसी प्रकार की ढिलाई नहीं करें। जिला पोषण समन्वयक अंशु कुमारी  जिले के विभिन्न प्रखण्डों में गृह भ्रमण कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए इसी अंदाज़ में जागरूक कर रही हैं। उनका यह भी कहना है जब हम बिना पैसा खर्च किये ही कोरोना से लड़ सकते हैं तो क्यों न जागरूक होकर कोरोना से बचने के तरीकों का ही उपयोग करें।
    हालांकि अंशु कुमारी द्वारा जिले के प्रखण्डों का किये  जा रहे गृह भ्रमण का मूल उद्देश्य लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, आईसीडीएस के सभी छः सेवाओं एवं पोषाहार, टीकाकरण, विद्यालय पूर्व शिक्षा, रेफरल सेवाओं आदि की जानकारी देना है । लेकिन वे इस दौरान  कोरोना संक्रमण से बचाव के मूल उपायों जैसे- मास्क का सही ढ़ंग से उपयोग, मुंह-नाक एवं आंख छूने से पहले हाथों को स्वच्छ करने की आवश्यकता, शारीरिक दूरी बनाये रखना, भीड़-भाड़ से बचना, कई लोगों को एक साथ इकट्ठा नहीं होने देना सहित कई बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए जागरूक करने से नहीं चूकती हैं।

    बंद आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जतायी चिंता-
    अंशु कुमारी बताती हैं कि वत्तर्मान समय में आंगनबाड़ी केन्द्र बंद रहने के कारण लाभुकों को  योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना पड़ जाय इसलिए वे गांवों में घर-घर जाकर लभान्वितों को योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए प्रयासरत हैं। साथ ही भ्रमण के दौरान महिलाओं की समस्याओं से संबंधी जानकारी एकत्रित कर रही हैं। यहाँ भी वे गांव की महिलाओं को कोरोना के प्रति जागरूक करने से नहीं चूकती है ।

    ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के प्रति लोग जागरूक दिख रहे- 
    जिला में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए किया गया प्रचार-प्रसार अब रंग ला रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना के प्रति लोग जागरूक दिख रहे हैं। गांवों में भी लोगों को मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी बनाये रखना, हाथों को बार-बार साबुन से धोना, कहीं-कहीं तो गांवों में भी नल लगे पानी के टैंक एवं साबुनदानी दिख जाती है। गांव के कुछ उत्साहित युवा भी कोरोना के प्रति गांव में जागरूकता फैला रहें हैं।

    कोरोना के कम होते मामलों पर दिये अपने विचार-
    जिले में कम हो रहे कोरोना संक्रमण के मामलों पर पूछने पर अंशु कुमारी कहती हैं कि इससे अतिउत्साहित होने की आश्यकता नहीं है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता या इसका टीका विकसित नहीं हो जाता, कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों को ही व्यवहार में लाकर ही हम कोरोना से जंग जीत पायेंगे।

    कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन -
    - एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
    - सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
    - अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
    - आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
    - छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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