सुपौल:बदलते मौसम में रखें अपना खास ख्याल- सिविल सर्जन - ETV BIHAR NEWS
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    सुपौल:बदलते मौसम में रखें अपना खास ख्याल- सिविल सर्जन


    बदलते मौसम में रखें अपना खास ख्याल- सिविल सर्जन
    बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियां होने की संभावना
    सुपौल,15 अक्टूबर।
    मौसम बदल रहा है। तापमान में अचानक वृद्धि एवं कमी हो रही है। रात में ओस गिरने लगी है। इस समय मौसम में हो रहा बदलाव कई तरह की बीमारियों के किटाणुओं एवं बैक्ट्रिया के फलने-फूलने के अनुकूल है। ऐसे में बीमारियों से बचने एवं खुद को सुरक्षित रखने पर बल देते हुए सिविल सर्जन कृष्ण मोहन प्रसाद ने कहा कि बदलता मौसम कई प्रकार की चुनौतियाँ संग लाता है। इसलिए इस मौसम में सावधान रहने की आवश्यकता है।
    बदलता मौसम प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर बीमार कर सकता ,-
    सिविल सर्जन कृष्ण मोहन प्रसाद ने कहा चिकित्सा की हर विधा में इस बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों का वर्णन है। जिसमें कहा गया है कि यह बदलता मौसम एक ऐसा वक्त है जब हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बदलता मौसम प्रभावित करते हुए हमें बीमार कर सकता है। खासकर वैसे लोग जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इस बदलते मौसम में वायरल बुखार से ग्रसित हो जाते हैं। जिसके लक्षणों में सर्दी-खांसी एवं बुखार का आना है।

    बड़े-बुज़ुर्ग बरतें अतिरिक्त सावधानी,-

    गत कुछ दिनों से बदलता मौसम खासकर बड़े-बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर डाल रहा है। जैसे दिन में गर्मी महसूस करना ।सुबह-शाम हल्की ठंड एवं नमी महसूस करना। ऐसे में थोड़ी से लापरवाही उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

    बढ़ रहे हैं सर्दी-खांसी एवं वायरल बुखार के मामले-

    इस बदलते मौसम में बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही से लोग सर्दी-खांसी एवं वायरल बुखार से ग्रसित हो रहे हैं । जिससे मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अधिक दिनों तक सर्दी-खांसी व बुखार रहने पर बढ़ जाता है नियोमिया होने का खतरा। जिससे उनके फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं।

    हृदय एवं उक्त राक्तचाप रोग से ग्रसित व्यक्ति रखें अपना खास ख्याल-

    इस बदलते मौसम के प्रभाव से बचने के लिए हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि बढ़ते ठंड के साथ रक्त प्रवाह की गति धीमी पड़ जाती है। जिससे धमनियां सिकुड़ जाती। सिकुड़ी हुई धमनियों एवं धीमी रक्त प्रवाह के कारण ऑक्सीजन संचार में गिरावट दर्ज की जाती है। जिससे हृदयाघात होने की संभावना प्रबल हो जाती है। ऐसे लोगों को अपना नियमित चेकअप करवाते रहना चाहिए।

    खानपान, नियमित व न्यूनतम व्यायाम पर दें ध्यान -

    इस बदलते मौसम में खासकर हृदय संबंधी रोगियों के आहार संबंधी प्रश्न पर सिविल सर्जन ने बताया कि इन दिनों बादाम एवं पिस्ते के सेवन के साथ-साथ ग्रीन टी व विटामिन डी युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। खट्टे व मसालेदार एवं तली हुई चीजों के सेवन से बचना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियाँ प्रचुर मात्रा में ग्रहण करना चाहिए। नियमित एवं न्यूनतम व्यायाम करना चाहिये।

    कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
    - एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
    - सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
    - अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
    - आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
    - छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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