मधेपुरा:पूरक आहार से मिटेगा कुपोषण, शिशु को उम्र के हिसाब से दे आहार, आहार के अतिरिक्त स्तनपान भी जरूरी - ETV BIHAR NEWS
  • Breaking News

    मधेपुरा:पूरक आहार से मिटेगा कुपोषण, शिशु को उम्र के हिसाब से दे आहार, आहार के अतिरिक्त स्तनपान भी जरूरी


    पूरक आहार से मिटेगा कुपोषण

    शिशु को उम्र के हिसाब से दे आहार

    आहार के अतिरिक्त स्तनपान भी जरूरी

    मधेपुरा - 14अक्टूबर / शिशु को उनके जन्म सेे 6 माह बाद से ही पूरक आहार देना आरंभ कर देना चाहिए ताकि उनका उचित शारीरिक एवं मानसिक विकास संभव हो पाये। बढ़ते उम्र के साथ शिशुओं के लम्बाई तथा वजन के साथ-साथ उनके अन्य महत्वपूर्ण तंत्रिकाओं का भी विकास होता है। जिसके लिए उन्हें पूरक आहार देना अत्यन्त आवश्यक है।

    कैसा हो सही पूरक आहार-

    डीपीओ मोहम्मद कबीर ने बताया कि पूरक आहार ऐसा होना चाहिए जिसमें समुचित मात्रा में ऊर्जा व प्रोटीन हो, जिससे बच्चों के पोषण संबंधी सभी आवश्यकताए पूरी हो पायें। शिशुओं में प्रतिरोधक क्षमता के समुचित विकास के लिए उनके आहार में प्रचुर मात्रा में जिंक, आयरन, विटामिन ए एवं विटामिन सी होनी चाहिए। बच्चों के शरीर का सम्पूर्ण तभी संभव है जब उनके आहार में प्रोटीन, कैलसीयम, विटामिन डी के साथ आयरन एवं आयोडीन भी पर्याप्त मात्रा में रहे।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो 6 से 8 माह के बच्चों को दिन में दो से तीन बार एवं 9 से 11 माह के बच्चों से लेकर 12 से 24 माह तक के बच्चों को दिन में तीन से चार बार पूरक आहार देने की आवश्यकता है साथ ही एक से दो बार ठोस आहार भी बच्चों को देनी चाहिए।

    साथ ही डीपीओ मोहम्मद कबीर ने बताया कि पूरक आहार के रूप में दलिया, खिचड़ी, हलवा, दाल आदि का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त शिशुओं को दूध पिला रही माताओं को अपने भोजन पर भी खासा ध्यान देने की आवश्यता है, उन्हें अपने भोजन की पौष्टिकता बरकार रखनी चाहिए, उन्हें भी अपने भोजन में तेल, घी, पत्तेदार सब्जियाँ सहित प्रोटीन एवं विटामिन से भरपूर भोज्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। 6 माह से शिशुओं को पूरक आहार के रूप में सुपाच्य शाकाहारी सामग्रियों के साथ-साथ अण्डा, मछली, फल जैसे प्रोटीन से भरपुर आहार को सुपाच्य बनाकर दिया जाना चाहिए।

    डीपीओ मोहम्मद कबीर ने कहा कि हलांकि बीते सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया गया, किन्तु प्रत्येक माह की 19वीं तारीख को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 6 माह के शिशुओं को अन्नप्राशन करवाते हुए शिशुओं को पूरक आहार देने के कई तरीकों से अवगत कराया जाता है। पोषण माह के दौरान जिले के सभी प्रखण्डों में पोषण परामर्श केन्द्र खेले गये जहाँ कुपोषण को दूर करने करने एवं सुनहरे 1000 दिन, एनिमिया एवं डायरिया से बचाव के स्वच्छता संबंधी नियमों के साथ-साथ इस कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने हेतु मास्क के उपयोग, शारीरिक दूरी बनाये रखने, हाथों की साफ-सफाई, भीड़-भाड़ से बचने आदि अन्य जानकारियाँ दी गई।

    No comments

    Total Pageviews

    Followers