सुपौल:कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है एनीमिया - ETV BIHAR NEWS
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    सुपौल:कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है एनीमिया


    कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है एनीमिया-

    सुपौल, 28 अक्टूबर।
    कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे उनके शरीर में आयरन का स्तर सही रहेगा । आयरन का स्तर बनाये रखने से उन्हें एनीमिया की समस्या नहीं होगी। कोरोना काल में गर्भवती महिला को एनीमिया की समस्या नहीं होनी चाहिए। दरअसल एनीमिया हो जाने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कमी हो जाती है। जिससे उनमें अन्य बीमारियों के साथ कोरोना से संक्रमित होने की सम्भावना रहती है । ऐसा पाया गया है कि अधिकांश गर्भधारण करने वाली महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है। क्योंकि गर्भधारण के बाद उनके शरीर को बहुत से बदलावों एवं अन्य असुविधाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उनके शरीर में आयरन का स्तर गिर जाता और वे एनीमिया की चपेट में आ जाती हैं। जो गर्भवती महिलाओं एवं गर्भस्थ शिशुओं के लिए सही नहीं है ।

    जरूरी है गर्भवती महिलाओं के आयरन स्तर को बनाये रखना-
    सिविल सर्जन डा. कृष्ण मोहन प्रसाद ने कहा कि एनीमिया का सीधा संबंध शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर से है। एक स्वस्थ्य शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर 10 से 12 के बीच होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बनाये रखने में उनके शरीर के आयरन स्तर को बनाये रखना काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इससे न केवल उनका बल्कि उनके गर्भस्थ शिशु को भी पोषण मिलता है। आयरन की कमी से पीड़ित महिलाओं को आगे चलकर कई प्रकार की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी ग्रसित होने की सम्भावना बन जाती है । इसलिए आवश्यक है कि गर्भावस्था में शरीर का हीमोग्लोबिन का स्तर हमेशा सही रहे।

    गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण-
    आयरन की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं के कई लक्षण हैं, जैसे- त्वचा का पीला पड़ना, आंखों के आसपास काले घेरे का बनना, अक्सर थकान का अनुभव करना, नाखूनों का कमजोर पड़ना यथा पीले नाखून बनना और उनका टूट जाना, सिरदर्द और चक्कर आना, भूख कम लगना। कुछ गर्भवती महिलाओं में इसके अलावा अन्य लक्षण भी परिलक्षित होते हैं जैसे शरीर फूलना, मितली आना आदि।

    कोरोना काल में गर्भवती महिलाऐं रखें अपने आहार का विशेष ध्यान-
    अनार, सेब, केला, संतरा आदि फलों के सेवन एवं भोजन में नियमित रूप से पालक, सूखे खुबानी, चुकंदर, खजूर, गुड़, दाल आदि शामिल करना चाहिए। खासकर फलों का थोड़ी ही मात्रा में सही लेकिन नियमित रूप से सेवन करने से शरीर का आयरन स्तर बना रहता है, जिससे एनीमिया की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।

    गर्भवती महिलायें सावधानियों के साथ कर सकतीं हैं आयरन की गोलियों का सेवन-
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के बीच आयरन की गोलियाँ वितरित की जाती हैं । जिसके सेवन से भी गर्भवती महिलाओं के शरीर का आयरन स्तर बना रहता है। फिर भी डाक्टर की सलाह के अनुरूप ही आयरन की गोलियों लेनी चाहिए। आयरन की गोलियों का सेवन करते समय उन्हें दूध, कैल्शियम सहित एंटीसीड दवाओं के सेवन से परहेज करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को खाली पेट आयरन की गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए।

    गर्भवती महिलायें कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
    - एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
    - सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
    - अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
    - आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
    - छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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